संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत ने सुरक्षा परिषद को चेतावनी दी है कि यमन एक बार फिर पूर्ण युद्ध की स्थिति में पहुंच गया है। हालिया हमलों और संघर्ष के चलते बड़े पैमाने पर लोग विस्थापित हुए हैं।
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हूतियों ने शनिवार को 159 सरकार समर्थक लड़ाकों और बंदियों को रिहा करने की घोषणा की। अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति ने रिहाई की पुष्टि करते हुए कहा कि उसने बंदियों के स्वास्थ्य परीक्षण, परिवारों से संपर्क और घर लौटने की व्यवस्था में मदद की। हूती अधिकारियों के मुताबिक, ये लोग पश्चिमी तट पर हालिया लड़ाई के दौरान आत्मसमर्पण करने वालों में शामिल थे। समिति ने कहा कि यह रिहाई एकतरफा पहल थी और स्टॉकहोम समझौते के तहत नहीं हुई।
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ताइज में हूती गोलाबारी में नागरिकों के मारे जाने और घायल होने की खबर
ताइज के दक्षिणी इलाकों में हूती गोलाबारी और स्नाइपर फायर में नागरिकों के हताहत होने की खबर है। यमन के सरकारी सूत्रों के अनुसार, सबिर अल-मवादिम और अल-शकब इलाके में हमलों के दौरान एक महिला की मौत हुई और पांच नागरिक घायल हुए। एक अलग सरकारी रिपोर्ट में मृतकों की संख्या तीन बताई गई है। हूतियों की ओर से इन दावों पर तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई है।
बयान
सरकारी बलों का दावा—मारिब में बढ़त, 430 हूती लड़ाके ‘निष्क्रिय’
यमन के सरकारी बलों ने दावा किया है कि उन्होंने मारिब प्रांत के पूर्वी मोर्चे पर अहम ठिकानों पर बढ़त हासिल की है। सैन्य प्रवक्ता के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में 430 से अधिक हूती लड़ाके ‘निष्क्रिय’ किए गए और 100 से ज्यादा वाहन या सैन्य संसाधन नष्ट अथवा अक्षम किए गए। इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। हूती पक्ष की ओर से इस दावे पर तत्काल प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
बयान
धमार में सऊदी हवाई हमले में तीन बच्चों की मौत का हूतियों का दावा
हूती संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि शुक्रवार को सऊदी हवाई हमले में धमार प्रांत के अल-अर गांव में तीन बच्चों की मौत हुई और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए। मंत्रालय के मुताबिक, मृतकों में 8 साल का एक बच्चा और 10 साल के दो बच्चे शामिल हैं। हूतियों ने हमले के लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया है। सऊदी अधिकारियों ने इस दावे पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
बयान
मिस्र ने सऊदी अरब की रक्षा में मदद के लिए संसद की मंजूरी मांगने की बात कही
मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने संसद का आपात सत्र बुलाने की बात कही है, ताकि सऊदी अरब से अनुरोध मिलने पर उसकी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा में मदद को मंजूरी दी जा सके। सीसी ने कहा कि मिस्र सऊदी अरब की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा, लेकिन संभावित कार्रवाई रियाद के औपचारिक अनुरोध और संसदीय मंजूरी पर निर्भर होगी। यह बयान हूती हमलों के क्षेत्रीय विस्तार के बीच आया है।
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अदन एयरपोर्ट पर दो मिसाइलें गिरीं, हूतियों पर आरोप
अदन के इंटरनेशनल एयरपोर्ट परिसर में शुक्रवार रात दो मिसाइलें गिरने की खबर है। अदन सुरक्षा विभाग ने इसके लिए ईरान-समर्थित हूतियों को जिम्मेदार ठहराया, हालांकि हूतियों ने तत्काल जिम्मेदारी नहीं ली। अधिकारियों के मुताबिक, यह एक हफ्ते से भी कम समय में एयरपोर्ट पर दूसरा हमला है। हमले के वक्त काहिरा जाने वाली यमनिया एयरलाइंस की उड़ान उड़ान भरने की तैयारी में थी। शुरुआती रिपोर्टों में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है।
बयान
गठबंधन का दावा—यानबू की ओर जा रही बैलिस्टिक मिसाइल रोकी
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा है कि उसने लाल सागर के तेल केंद्र यानबू की ओर जा रही एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोक दिया। गठबंधन के मुताबिक, लाल सागर के ऊपर दो क्रूज मिसाइलें और सऊदी अरब के दक्षिणी क्षेत्र तथा रियाद क्षेत्र में तीन ड्रोन भी नष्ट किए गए। बयान में इन हमलों के लिए किसी पक्ष को सीधे जिम्मेदार नहीं ठहराया गया। यह दावा अदन एयरपोर्ट पर मिसाइल हमले की खबरों के बीच आया है।
बयान
ईरान ने हूती हमलों में भूमिका से इनकार किया, मध्यस्थता की पेशकश
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने यमन में बढ़ती लड़ाई में तेहरान की भूमिका से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि हूती अपने हितों और आकलन के आधार पर कार्रवाई करते हैं। बघाई ने यह भी कहा कि ईरान, अगर संबंधित पक्ष अनुरोध करें, तो सऊदी अरब और यमन के बीच विवाद सुलझाने में मदद या मध्यस्थता के लिए तैयार है। सऊदी अधिकारी पहले ही कह चुके हैं कि रियाद ने ईरान से मध्यस्थता का अनुरोध नहीं किया है।
बयान
अमेरिका ने सऊदी अरब के एयरपोर्ट को लेकर अपने कर्मचारियों को चेताया
अमेरिकी दूतावास ने सऊदी अरब में संभावित मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे को देखते हुए अपने कर्मचारियों के लिए एयरपोर्ट इस्तेमाल पर पाबंदियां कड़ी की हैं। अमेरिकी विदेश विभाग की यात्रा सलाह में कहा गया है कि सरकारी कर्मचारियों को सऊदी अरब के किसी भी एयरपोर्ट के इस्तेमाल के लिए विशेष अनुमति चाहिए। सलाह में यमन सीमा के 20 मील के भीतर यात्रा से बचने को भी कहा गया है। यह चेतावनी हूती हमलों के सऊदी हवाई अड्डों और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों तक फैलने के बीच आई है।
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अदन के राष्ट्रपति महल पर हमले में पांच की मौत, 16 घायल
यमन के स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक, अदन के अल-मआशिक राष्ट्रपति महल परिसर पर 15 अक्टूबर को हुए हूती मिसाइल हमले में कम-से-कम पांच लोगों की मौत हुई और 16 लोग घायल हुए। मृतकों में महल की सुरक्षा में तैनात लोग और नागरिक कर्मचारी शामिल बताए गए हैं। सरकार ने कहा कि प्रधानमंत्री शाया अल-जिंदानी और कैबिनेट के अन्य सदस्य सुरक्षित हैं। हूती प्रवक्ता ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए इसे सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य अभियान से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई बताया।
बयान
सुरक्षा परिषद ने सऊदी अरब और लाल सागर में हूती हमलों की निंदा की
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सऊदी अरब पर हूती हमलों और लाल सागर तथा बाब अल-मंदब में वाणिज्यिक जहाजों को दी जा रही धमकियों की निंदा की है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने 16 अक्टूबर को इस बयान का स्वागत करते हुए कहा कि देश को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपनी सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने का अधिकार है। रियाद ने परिषद से हूतियों तक हथियार और सैन्य सहायता पहुंचने से रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भी मांग की।
बयान
यमन के विदेश मंत्री ने असफल युद्धविराम में लौटने से किया इनकार, कहा—हूतियों के खिलाफ संघर्ष जरूरी
यमन के विदेश मंत्री ने एक बयान में कहा है कि हूती विद्रोहियों के खिलाफ मौजूदा लड़ाई एक जरूरी आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश अब विफल हो चुके पुराने युद्धविराम समझौतों की तरफ वापस नहीं लौटेगा। सरकारी पक्ष का यह रुख ऐसे समय में सामने आया है जब संयुक्त राष्ट्र ने देश में पूर्ण पैमाने पर युद्ध लौटने की चेतावनी दी है और दोनों पक्षों के बीच लगातार सैन्य संघर्ष जारी है।
बयान
सऊदी अरब ने मदीना की ओर आई मिसाइल रोकने का दावा किया, हूतियों ने जिम्मेदारी नकारी
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसने मदीना प्रांत के ऊपर एक क्रूज मिसाइल को रोककर नष्ट किया। गठबंधन ने हमले के लिए किसी पक्ष को सीधे जिम्मेदार नहीं ठहराया। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने हमले में संगठन की भूमिका से इनकार किया। सऊदी अधिकारियों ने इसी दिन पूर्वी प्रांत के ऊपर एक ड्रोन नष्ट करने की भी जानकारी दी। ये दावे ऐसे समय आए हैं जब यमन संघर्ष का असर सऊदी हवाई अड्डों और ऊर्जा ढांचे तक फैल रहा है।
बयान
गठबंधन का दावा—हूतियों ने सऊदी हवाई अड्डों और तेल ठिकानों पर दर्जनों हमले किए
सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने दावा किया कि हूतियों ने इस महीने रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 20 हमले किए। उनके मुताबिक, इन हमलों में 17 लोगों की मौत और 333 लोग घायल हुए। गठबंधन ने अबहा हवाई अड्डे पर भी तीन मौतों और 28 लोगों के घायल होने की बात कही। प्रवक्ता ने यमन में 127 हथियार भंडार और लॉन्च प्लेटफॉर्म नष्ट करने का दावा किया। ये आंकड़े गठबंधन के बयान पर आधारित हैं।
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अदन में सरकारी महल के पास छह धमाकों का दावा, हूतियों ने जिम्मेदारी ली
यमन के बंदरगाह शहर अदन में अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के इस्तेमाल वाले महल के पास कम-से-कम छह धमाकों की खबर है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ धमाके माशीक महल के पास पहाड़ी और सुरक्षा द्वार के आसपास हुए। हूती मीडिया ने सैन्य अभियान कक्ष और हथियारों के गोदाम को निशाना बनाने का दावा किया। एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि अदन में मौजूद नेतृत्व सुरक्षित है। दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बयान
ताइज मोर्चे पर सरकारी बलों ने कुछ इलाके वापस लेने और हूती हमला रोकने का दावा किया
यमन के सरकारी बलों ने कहा कि उन्होंने ताइज प्रांत के सब्र अल-मवादिम और अल-सरारी इलाकों में कुछ क्षेत्र फिर से अपने नियंत्रण में लिए हैं। सरकारी पक्ष के मुताबिक, ताइज शहर के पश्चिम में हूतियों का बड़ा हमला भी रोका गया। एक सैन्य प्रवक्ता ने ‘डॉन ऑफ यमन’ अभियान के तहत 2,309 कार्रवाई किए जाने और 460 हूती सैन्य वाहनों के नष्ट होने का दावा किया। इन सैन्य दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
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सना पर सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की नई हवाई कार्रवाई
हूती संचालित अल-मसीरा और स्थानीय निवासियों के अनुसार, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने मंगलवार को हूतियों के नियंत्रण वाली यमन की राजधानी सना पर नए हवाई हमले किए। यह कार्रवाई गठबंधन के प्रवक्ता की उस चेतावनी के बाद हुई, जिसमें लोगों से इलाके को खाली करने को कहा गया था। प्रत्यक्षदर्शियों ने धमाकों की आवाज सुनने की बात कही, लेकिन शुरुआती रिपोर्टों में यह स्पष्ट नहीं था कि किन ठिकानों को निशाना बनाया गया।
बयान
यमन में 8 लाख लोगों तक मानवीय मदद पहुंचना बंद: WFP
संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने कहा है कि बढ़ती लड़ाई, बंद सड़कों और असुरक्षा के कारण यमन में करीब 8 लाख लोगों तक जीवनरक्षक सहायता नहीं पहुंच पा रही है। इनमें ताइज के 6 लाख से अधिक लोग शामिल हैं, जो खाद्य सहायता पर निर्भर हैं। WFP के अनुसार, उसके 72 UN कर्मचारी हूती अधिकारियों की हिरासत में हैं। संगठन ने सुरक्षित मानवीय पहुंच और हिरासत में लिए गए कर्मचारियों की तत्काल, बिना शर्त रिहाई की मांग की है।
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हूतियों के हमले में सऊदी अरामको मुख्यालय को नुकसान
दो क्षेत्रीय अधिकारियों के मुताबिक, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के धहरान शहर में सरकारी तेल कंपनी अरामको के मुख्यालय पर रात में हमला किया। हमले में कंपनी के मुख्य कार्यकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालयों को नुकसान पहुंचा। यह हमला यमन के भीतर जारी संघर्ष के सऊदी क्षेत्र और महत्वपूर्ण तेल ढांचे तक फैलने का संकेत देता है। सऊदी पक्ष की ओर से नुकसान या जिम्मेदारी पर तत्काल विस्तृत प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी।
बयान
संयुक्त राष्ट्र के दूत की चेतावनी, यमन फिर से पूर्ण युद्ध की ओर लौटा
संयुक्त राष्ट्र के दूत ने गंभीर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यमन एक बार फिर से पूर्ण पैमाने पर युद्ध के दौर में लौट आया है। इस स्थिति ने देश में शांति प्रयासों और स्थिरता को गहरा झटका दिया है, और उन्होंने सभी पक्षों से बातचीत के रास्ते पर लौटने की अपील की है।
ORIGINAL ARTICLE
मूल खबर
Live Updates के पीछे की पूरी खबर और ज़रूरी संदर्भ।
संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि यमन एक बार फिर पूर्ण युद्ध के दौर में लौट आया है। देश में 2022 के संघर्षविराम समझौते के टूटने के बाद से हिंसा और झड़पें लगातार तेज हो रही हैं, जिससे सुरक्षा और मानवीय संकट गहराता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हेंस ग्रुंडबर्ग ने सुरक्षा परिषद को जानकारी देते हुए बताया कि शत्रुता कई मोर्चों पर फैल चुकी है और स्थिति खतरनाक मोड़ पर है।
इस नए संघर्ष के कारण आम नागरिकों पर भारी मुसीबत आ पड़ी है। अगस्त की शुरुआत से लेकर अब तक यमन भर में दो लाख से अधिक लोग अपना घर छोड़कर जाने को मजबूर हुए हैं। यह 2022 के संघर्षविराम के बाद से सबसे बड़ा विस्थापन है। इसके अलावा, हजारों लोगों ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य को पार करके जिबूती और सोमालिया जैसे पड़ोसी देशों में शरण ली है। लाल सागर के इन समुद्री मार्गों और तटीय इलाकों के पास बढ़ते तनाव ने वैश्विक व्यापार और नौवहन सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
संघर्ष के दायरे में अब नागरिक बुनियादी ढांचे और हवाई अड्डों को भी निशाना बनाया जाने लगा है। हाल ही में रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और एक विमान पर हुए हमलों में एक एयरलाइन पायलट सहित तीन सऊदी नागरिकों की मौत हो गई। इन हमलों की जिम्मेदारी हौथी विद्रोहियों ने ली है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार और सऊदी अधिकारियों ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इन हमलों को रोकने के लिए तुरंत कड़े कदम उठाने की मांग की है।
दूसरी ओर, यमनी सरकार ने भी मोखा और आसपास के इलाकों में अपनी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है। सऊदी अरब और क्षेत्रीय साझीदारों का कहना है कि वे अपने नागरिकों, सीमाओं और अंतरराष्ट्रीय नौवहन की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे। इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य क्षेत्र में पहले से सुलग रहे व्यापक तनाव के बीच शांति की बची-खुची उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया है।