किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक संबंधों को लेकर सामने आए एक अध्ययन में चौंकाने वाली बात सामने आई है। शोधकर्ताओं के अनुसार, जिन युवाओं के पिताओं के साथ अधिक संघर्ष या तनावपूर्ण संबंध रहते हैं, उनके द्वारा बाद में विशेष मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का उपयोग करने की संभावना काफी कम हो जाती है। यह शोध पारिवारिक गतिशीलता और किशोरों के जीवन पर पड़ने वाले उसके असर को समझने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
इस अध्ययन को 'European Child & Adolescent Psychiatry' नामक पत्रिका में प्रकाशित किया गया है। शोधकर्ताओं ने इस बात का बारीकी से विश्लेषण किया है कि परिवार के भीतर किस तरह के रिश्ते युवाओं को पेशेवर मदद लेने के लिए आगे बढ़ाते हैं या फिर उन्हें इससे पीछे हटने पर मजबूर करते हैं।
यह पूरा शोध नॉर्वे के दीर्घकालिक 'ट्रोंडहाइम अर्ली सिक्योर स्टडी' (TESS) के आंकड़ों पर आधारित है। इस अध्ययन के दौरान 12 से 18 वर्ष की आयु के कुल 822 किशोरों का चार अलग-अलग सर्वे के माध्यम से लंबे समय तक अनुसरण किया गया ताकि उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि और मानसिक स्वास्थ्य के तौर-तरीकों को समझा जा सके।
अध्ययन की मुख्य लेखिका और नॉर्वेजियन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (NTNU) की पीएचडी उम्मीदवार मीना मोइनस्लाम ने इस बारे में अपने विचार रखे हैं। उनका कहना है कि किशोरावस्था के दौरान संघर्षपूर्ण पारिवारिक संबंध युवाओं के लिए अपनी मानसिक परेशानियों को खुलकर सामने लाना और पेशेवर मदद पाना बेहद कठिन बना देते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि इस शोध में माताओं या सबसे अच्छे दोस्तों के साथ संबंधों और किशोरों द्वारा मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के उपयोग के बीच कोई सीधा संबंध नहीं देखा गया। इसका मतलब यह है कि परिवार में पिता के साथ होने वाले मतभेद या तनाव इस मामले में एक अलग और महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन के दौरान लिंग, माता-पिता की रोजगार की स्थिति, आपसी संबंधों के हालात, माता-पिता के अपने मानसिक स्वास्थ्य और किशोरों के भावनात्मक लक्षणों जैसे अन्य जोखिम कारकों का भी पूरा आकलन किया। हैरानी की बात यह रही कि इन सभी अन्य कारकों को ध्यान में रखने के बाद भी पिता और किशोर के बीच संघर्ष और कम सेवाओं के उपयोग के बीच का यह संबंध अपनी जगह बना रहा।
इस विषय से जुड़े अन्य विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि पेशेवर और विशेषज्ञ सेवाओं तक पहुंच तय करने में जरूरत से जुड़े कारक और नैदानिक मानदंड भी अपनी बड़ी भूमिका निभाते हैं। हालांकि, पारिवारिक तनाव इस पूरी प्रक्रिया को निश्चित रूप से प्रभावित करता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह अध्ययन इस बात पर रोशनी डालता है कि मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रणालियों और परामर्श अभियानों में पिताओं की भूमिका और पारिवारिक संघर्षों को समझना कितना जरूरी है। यदि युवा अपने घर के भीतर ही तनाव का सामना कर रहे हैं, तो उनकी काउंसलिंग और मदद के लिए अलग तरह के प्रयासों की आवश्यकता हो सकती है।
आने वाले समय में शोधकर्ता इस बात की और गहराई से जांच कर रहे हैं कि क्या पिता के साथ संघर्ष सीधे तौर पर मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं से दूर रहने की एक बड़ी वजह बनता है, या फिर इसके पीछे कुछ अन्य छिपे हुए सामाजिक कारण भी काम करते हैं। फिलहाल यह अध्ययन पारिवारिक रिश्तों को सुधारने और युवाओं को समय पर सही मदद दिलाने की दिशा में नए सवाल खड़े करता है।
खबर को सिर्फ पढ़िए नहीं, सवाल भी पूछिए।
किसी भी राजनीतिक खबर को समझने के लिए घटना के साथ उसका असर, संदर्भ और आगे होने वाले बदलावों पर भी नज़र रखना जरूरी है।
इस खबर को उपलब्ध रिपोर्टों और स्रोतों के आधार पर तैयार किया गया है।




