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जंग का मैदान• ARTICLE #806• 30 अक्टूबर 2026 को 10:16 pm बजे

दक्षिणी यूक्रेन के ओलेश्की शहर में संघर्ष विराम जारी, मानवीय सहायता पहुंचाने की तैयारी

दक्षिणी यूक्रेन के रूसी कब्जे वाले ओलेश्की शहर में छह दिवसीय स्थानीय संघर्ष विराम दूसरे दिन भी बिना किसी उल्लंघन के जारी है। इस बीच फंसे हुए नागरिकों तक भोजन और दवाइयां पहुंचाने के लिए रास्ते साफ किए जा रहे हैं।

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दक्षिणी यूक्रेन के ओलेश्की शहर में संघर्ष विराम जारी, मानवीय सहायता पहुंचाने की तैयारी
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संघर्ष विराम और मानवीय संकट

दक्षिणी यूक्रेन के रूसी कब्जे वाले ओलेश्की शहर में छह दिवसीय स्थानीय संघर्ष विराम के दौरान राहत की खबर सामने आई है। यूक्रेन और रूस दोनों पक्षों के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि संघर्ष विराम शुरू होने के बाद से शुरुआती 30 घंटों तक किसी भी तरह के उल्लंघन की कोई घटना सामने नहीं आई है। यह मानवीय विराम मंगलवार को शुरू हुआ था और इसके रविवार तक जारी रहने की उम्मीद है। इस संघर्ष विराम का मुख्य उद्देश्य लगभग दो हजार ऐसे स्थानीय नागरिकों तक पहुंचना है जो पिछले लंबे समय से भोजन, पानी और चिकित्सा आपूर्ति की भारी कमी के बीच फंसे हुए हैं।

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और मध्यस्थता

इस मानवीय मिशन की रूपरेखा तैयार करने में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक प्रयास किए गए हैं। व्हाइट हाउस के अनुसार, इस संघर्ष विराम की मध्यस्थता अमेरिकी प्रथम महिला मेलानिया ट्रम्प ने की थी। इसके अलावा वेटिकन ने भी इस बात की पुष्टि की है कि पोप लियो XIV ने इस महीने की शुरुआत में यूक्रेनी राष्ट्रपति व्लादिोमीर ज़ेलेंस्की और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से ओलेश्की में मानवीय सहायता पहुंचाने और नागरिकों की सुरक्षित निकासी की अनुमति देने का विशेष आग्रह किया था। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने अमेरिकी मध्यस्थता की सराहना करते हुए कहा है कि इस मामले में सब कुछ तय योजना के अनुसार आगे बढ़ रहा है।

जमीनी स्तर पर इस संघर्ष विराम का दायरा बढ़ाकर इसे व्यापक खेरसन क्षेत्र तक भी ले जाया गया है, जिसमें खेरसन शहर शामिल है और वहां भी रूसी गोलाबारी रुकने की खबरें मिली हैं। हालांकि, ओलेश्की शहर की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। फरवरी 2022 में रूस के आक्रमण के शुरुआती दिनों से ही यह शहर रूसी नियंत्रण में है। इसके बाद 2023 में काखोव्का बांध टूटने के बाद से यहां बिजली, गैस और पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो चुकी है। हालात इतने बुरे हैं कि वहां फंसे लोगों को जीवित रहने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

सुरंग हटाने और मार्ग सुधार के कार्य

मानवीय गलियारा खोलने के लिए रास्ते की बाधाओं को दूर करने का काम शुरू हो गया है। यूक्रेनी और रूसी अधिकारियों के मुताबिक, मुख्य मार्गों पर बारूदी सुरंगें बिछी होने और ड्रोन हमलों के जोखिम के कारण लोगों का बाहर निकलना बेहद खतरनाक बना हुआ था। इसे देखते हुए वर्तमान में डिमाइनिंग यानी सुरंग हटाने और रास्तों की इंजीनियरिंग जांच का काम चल रहा है ताकि सहायता सामग्री सुरक्षित रूप से अंदर पहुंचाई जा सके। रूसी रक्षा मंत्रालय का कहना है कि उनकी सेना मुख्य मार्गों पर विस्फोटक साफ करने और इंजीनियरिंग टोह लेने के काम में जुटी हुई है।

शुक्रवार को निकासी कॉरिडोर खुलने की योजना बनाई गई है, जिसके तहत वहां फंसे नागरिक अपनी इच्छा के अनुसार यूक्रेन या रूस जाने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र होंगे। यूक्रेनी विदेश मंत्री एंड्री सिबीहा का कहना है कि यदि यह मानवीय संघर्ष विराम पूरी तरह सफल रहता है, तो यह आने वाले समय में शांति प्रक्रिया की दिशा में अन्य कदमों का मार्ग भी प्रशस्त कर सकता है। वहीं दूसरी ओर, कूटनीतिक मोर्चे पर आगामी वार्ताओं को लेकर कुछ अनिश्चितता भी बनी हुई है। यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने उम्मीद जताई है कि अमेरिका, रूस और यूक्रेन के बीच तकनीकी वार्ता छह से दस नवंबर के बीच अबू धाबी में हो सकती है। हालांकि, क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा है कि मध्य पूर्व की वर्तमान स्थिति के कारण निकट भविष्य में इस बैठक को आयोजित करना थोड़ा मुश्किल साबित हो सकता है।

इस बीच, देश के अन्य हिस्सों में सैन्य टकराव और हवाई हमले जारी हैं। ऐसे में ओलेश्की का यह सीमित संघर्ष विराम युद्ध के माहौल में एक दुर्लभ मानवीय राहत के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों और राहत एजेंसियों की नजर इस बात पर टिकी है कि आगामी रविवार तक निर्धारित इस संघर्ष विराम के दौरान क्या पूरी मानवीय सहायता और निकासी का काम बिना किसी रुकावट के पूरा हो पाता है या नहीं।

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