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जंग का मैदान• ARTICLE #687• 24 अक्टूबर 2026 को 7:11 pm बजे

रूस और यूक्रेन के बीच ओलेश्की में अस्थायी युद्धविराम पर बनी सहमति, मेलानिया ट्रम्प ने कराई मध्यस्थता

अमेरिकी प्रथम महिला मेलानिया ट्रम्प की मध्यस्थता के बाद रूस और यूक्रेन ने यूक्रेनी शहर ओलेश्की में एक स्थानीय युद्धविराम पर सहमति जताई है। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य शहर में मानवीय सहायता पहुंचाना और फंसे हुए नागरिकों को निकालना है।

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रूस और यूक्रेन के बीच ओलेश्की में अस्थायी युद्धविराम पर बनी सहमति, मेलानिया ट्रम्प ने कराई मध्यस्थता
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रूस और यूक्रेन ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण यूक्रेनी शहर ओलेश्की में मानवीय सहायता और नागरिकों की सुरक्षित निकासी के लिए एक स्थानीय युद्धविराम पर सहमति जता दी है। इस संघर्ष विराम की मध्यस्थता अमेरिकी प्रथम महिला मेलानिया ट्रम्प ने की है। व्हाइट हाउस और अंतरराष्ट्रीय समाचार संगठनों की रिपोर्टों के अनुसार, ओलेश्की शहर वर्तमान में गंभीर मानवीय संकट के दौर से गुजर रहा है और आपदा के मुहाने पर खड़ा है।

ओलेश्की शहर खेरसॉन क्षेत्र में नीपर नदी के किनारे स्थित है और फरवरी 2022 में रूस के सैन्य आक्रमण के पहले दिन से ही रूसी सेना के कब्जे में है। युद्ध शुरू होने से पहले इस शहर की आबादी लगभग 24,000 थी, जो अब घटकर केवल 1,700 से 2,000 के आसपास रह गई है। बचे हुए इन नागरिकों में ज्यादातर बुजुर्ग और बच्चे शामिल हैं, जो लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं, बिजली, पानी और चिकित्सा सहायता के बिना बेहद दयनीय स्थिति में जी रहे हैं।

व्हाइट हाउस के अनुसार, मेलानिया ट्रम्प ने संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के दौरान इस शहर की स्थिति की जानकारी मिलने के बाद दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ सीधे बातचीत शुरू की थी। इस कूटनीतिक पहल के परिणामस्वरूप रूस और यूक्रेन के बीच स्थानीय स्तर पर गोलाबारी रोकने पर सहमति बनी है, ताकि राहत सामग्री वहां पहुंचाई जा सके। अमेरिकी प्रथम महिला ने अपनी इस मध्यस्थता के बाद कहा कि ओलेश्की में स्थिति बेहद विकट है और यह शहर आपदा के कगार पर एक फ्रंट-लाइन युद्ध क्षेत्र बना हुआ है।

यूक्रेनी अधिकारियों और रूसी जनरल स्टाफ ने इस युद्धविराम के क्रियान्वयन की पुष्टि की है। यूक्रेनी मुख्य वार्ताकार और ओम्बुड्समैन डिमिट्रो लुबिनेट्स ने इस अभियान को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खदानों को हटाने और मानवीय कॉरिडोर बनाने का यह काम बेहद चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन नागरिकों की जान बचाने के लिए इसे अंजाम देना जरूरी है।

युद्धविराम लागू होने की प्रारंभिक तारीखों को लेकर पक्षों के बयानों में मामूली अंतर सामने आया है। व्हाइट House ने शुरुआती बयानों में इसके 29 अक्टूबर से शुरू होने की संभावना जताई थी, जबकि यूक्रेनी और रूसी सैन्य अधिकारियों के समन्वय के बाद इसे 27 अक्टूबर (मंगलवार) से प्रभावी माना गया है। रूस के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ वालेरी गेरासिमोव और अन्य संबंधित पक्षों ने भी इस मानवीय मिशन को समन्वित करने की बात स्वीकार की है।

यह स्थानीय युद्धविराम इतिहास में एक अलग और सीमित मानवीय समझौते के रूप में देखा जा रहा है। ओलेश्की शहर जून 2023 में कखोवका बांध के ढहने से आई भीषण बाढ़ से भी बुरी तरह प्रभावित हुआ था, जिससे वहां का बुनियादी ढांचा पूरी तरह तबाह हो गया था। युद्ध और प्राकृतिक आपदा के दोहरे प्रहार झेल रहे इस शहर के नागरिकों के लिए यह अस्थायी युद्धविराम जीवन रेखा साबित हो सकता है।

कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि भले ही यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापक शांति वार्ताओं का हिस्सा न हो, लेकिन मानवीय आधार पर संघर्ष को थामने का यह एक अनूठा उदाहरण जरूर है। हालांकि, यह देखना बाकी है कि युद्धविराम के दौरान सुरक्षा और निगरानी की सटीक व्यवस्थाएं किस प्रकार लागू होती हैं और क्या इसके जरिए सभी फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सकेगा।

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