मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री रहे एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट पर उपचुनाव का रास्ता साफ हो गया है। भारत निर्वाचन आयोग ने इस सीट पर 12 नवंबर को मतदान कराने की घोषणा कर दी है। इस अचानक हुए राजनीतिक घटनाक्रम के बाद से दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में और खास तौर पर मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। निर्वाचन आयोग की तरफ से जारी कार्यक्रम के अनुसार, इस उपचुनाव के लिए मतदान 12 नवंबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। इसके तुरंत बाद शाम 5 बजे से वोटों की गिनती शुरू कर दी जाएगी। चुनाव प्रक्रिया के तहत नामांकन दाखिल करने की शुरुआत 26 अक्टूबर से होगी और उम्मीदवार 2 नवंबर तक अपने पर्चे दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद 3 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और उम्मीदवार 5 नवंबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। एल. मुरुगन ने 13 अक्टूबर को अपने पद और राज्यसभा सदस्यता दोनों से इस्तीफा दे दिया था। उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था, लेकिन उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे अपने पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया था कि वह तमिलनाडु में पार्टी को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर संगठन के लिए पूर्णकालिक रूप से काम करना चाहते हैं। इसी वजह से उन्होंने अपनी वर्तमान जिम्मेदारियों से मुक्त होने का आग्रह किया था। एल. मुरुगन सूचना एवं प्रसारण और संसदीय and कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनके इस फैसले के बाद से राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में पार्टी तमिलनाडु में अपनी जमीन मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है। हालांकि, उनके इस इस्तीफे के ठीक बाद केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें भी तेज हो गई हैं। राजनीतिक हलकों में इस बात की चर्चा है कि इस खाली पद और मंत्री पद को भरने के लिए सरकार जल्द ही कोई नया कदम उठा सकती है, हालांकि इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। संख्या बल के लिहाज से मध्य प्रदेश विधानसभा की मौजूदा स्थिति को देखें तो यहां उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी की स्थिति बेहद मजबूत नजर आती है। मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं, जिनमें से अकेले बीजेपी के पास 163 विधायक हैं। विधानसभा में बहुमत और अपने विधायकों के मजबूत आंकड़े के दम पर इस राज्यसभा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार की जीत लगभग तय मानी जा रही है। इस उपचुनाव के संपन्न होने से संसद में सत्ताधारी एनडीए को अपने आंकड़े और मजबूती बनाए रखने में मदद मिलेगी, खासकर तब जब संसद में आने वाले दिनों में कई अहम विधायी कार्य और विधेयक आने वाले हैं। निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव की पूरी रूपरेखा तय कर दी गई है और अब सभी दलों की नजरें इस बात पर हैं कि बीजेपी इस सीट से किसे अपना उम्मीदवार बनाती है। उपचुनाव की तारीख नजदीक आते ही राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक सरगर्मी एक बार फिर तेज हो गई है।
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