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नई दिल्ली में ईरान-UAE संवाद: तनाव घटाने की कोशिश, लेकिन समझौते का इंतजार

BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान और UAE के शीर्ष नेताओं की मुलाकात हुई। बातचीत से संवाद और तनाव कम करने का संकेत मिला, लेकिन किसी औपचारिक समझौते या संबंधों के सामान्य होने की घोषणा नहीं हुई।

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पेज़ेश्कियन: ईरान और UAE अतीत पीछे छोड़कर सहयोग बढ़ाएंगे

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने कहा कि नई दिल्ली में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद से मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रिश्ते मजबूत करने और सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। पेज़ेश्कियन के अनुसार, बातचीत में अतीत से आगे बढ़कर भविष्य के लिए साझा समझ बनाने और क्षेत्रीय तनाव घटाने पर चर्चा हुई। यह ईरानी पक्ष का बयान है; उपलब्ध रिपोर्ट में किसी औपचारिक सुरक्षा, राजनीतिक या आर्थिक समझौते की घोषणा नहीं की गई है।

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UAE सलाहकार: दिल्ली बैठक से आगे की राह खुली, लेकिन मतभेद कायम

UAE के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार अनवर गर्गाश ने कहा कि 12 सितंबर को नई दिल्ली में हुई ईरान-UAE बैठक ने दोनों देशों को भविष्य की राह तलाशने का अहम मंच दिया। उन्होंने साफ किया कि अबू धाबी और तेहरान हर मुद्दे पर सहमत नहीं हुए हैं। गर्गाश के मुताबिक बातचीत और संपर्क से तनाव संभालने का रास्ता खुला है, लेकिन भरोसा बहाल करने के लिए ईरान को शब्दों के बजाय ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने व्यापार, विमानन और बाजारों तक पहुंच सामान्य करने के लिए संवाद को जरूरी बताया।

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नई दिल्ली में ईरान-UAE संवाद: तनाव घटाने की कोशिश, लेकिन समझौते का इंतजार

नई दिल्ली में 12 सितंबर 2026 को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान की मुलाकात हुई। यह बैठक BRICS शिखर सम्मेलन से इतर हुई और इसका सबसे अहम संदेश क्षेत्रीय तनाव घटाने की कोशिश है।

UAE के आधिकारिक बयान के मुताबिक, दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के साथ-साथ तनाव कम करने, डी-एस्केलेशन, क्षेत्रीय स्थिरता, शांति और विकास पर चर्चा की। हालांकि, बयान में किसी नए समझौते, सुरक्षा गारंटी या संबंधों में औपचारिक बदलाव की बात नहीं कही गई।

बैठक के अगले दिन पेज़ेश्कियन ने कहा कि दोनों पक्षों ने अतीत को पीछे छोड़कर भविष्य की ओर देखने और उसे मिलकर बनाने पर सहमति जताई। यह ईरानी पक्ष की राजनीतिक प्रस्तुति है। UAE की ओर से सार्वजनिक बयान में इसी भाषा की अलग से पुष्टि नहीं की गई है, इसलिए इसे संयुक्त सुलह की घोषणा मानना जल्दबाजी होगी।

ईरानी पक्ष के अनुसार, बैठक के बाद विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने UAE अधिकारियों के साथ बातचीत जारी रखी। इससे संकेत मिलता है कि संपर्क केवल शीर्ष नेताओं की मुलाकात तक सीमित नहीं रहा, लेकिन अभी यह साफ नहीं है कि इससे कोई ठोस कूटनीतिक या आर्थिक नतीजा निकला है।

इस मुलाकात का महत्व BRICS के बड़े संदर्भ में भी है। 12 सितंबर को समूह ने नई दिल्ली घोषणा जारी कर मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई और अधिकतम संयम की अपील की। मई में BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक संयुक्त बयान के बिना खत्म हुई थी, इसलिए सितंबर की सामूहिक घोषणा को संवाद की वापसी का संकेत माना जा सकता है। फिर भी यह ईरान और UAE के बीच कोई द्विपक्षीय समझौता नहीं है।

ईरान और UAE के बीच तनावपूर्ण क्षेत्रीय माहौल में यह मुलाकात एक कूटनीतिक खिड़की जरूर खोलती है, लेकिन इसे संबंधों की बहाली कहना अभी सही नहीं होगा। फिलहाल असली अगला कदम यही है कि क्या दोनों देश इस राजनीतिक बातचीत को किसी ठोस व्यवस्था, नियमित संपर्क या क्षेत्रीय तनाव कम करने की कार्रवाई में बदलते हैं।